भारत में भी गर्मी की लहरें आम बात हैं। मार्च से जून तक देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ती है, जिससे स्वास्थ्य को काफी खतरा रहता है। इस साल भी स्थिति कुछ अलग नहीं है, कई इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है।
भारत में गर्म लहरें
हीटवेव असामान्य रूप से उच्च तापमान की लंबी अवधि है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) हीटवेव को इस प्रकार परिभाषित करता है:
मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5°C अधिक तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 6.5°C अधिक रहेगा।
मैदानी क्षेत्रों में वास्तविक तापमान कम से कम 45°C तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 35°C तक पहुँचना।
यह चिलचिलाती गर्मी और उच्च आर्द्रता मिलकर एक खतरनाक स्थिति पैदा कर देती है, जिससे तापघात, निर्जलीकरण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं।
गर्म लहरों का प्रभाव
- गर्मी से संबंधित बीमारियाँ बढ़ जाती हैं, जिनमें गर्मी से थकावट और हीटस्ट्रोक शामिल हैं।
- बुजुर्गों और बच्चों जैसी कमजोर आबादी को अधिक जोखिम का सामना करना पड़ता है।
- मौजूदा स्वास्थ्य स्थितियाँ खराब हो जाती हैं, जैसे श्वसन और हृदय संबंधी समस्याएं।
- सूखे की स्थिति खराब हो जाती है, जिससे जल की कमी हो जाती है।
- शुष्क परिस्थितियों के कारण जंगली आग का खतरा बढ़ गया है।
- पारिस्थितिकी तंत्र में व्यवधान और जैव विविधता की हानि।
- लोगों की बाहरी गतिविधियां सीमित होने से दैनिक जीवन बाधित हो गया है।
गर्म लहर के दौरान ठंडा रहना
गर्मी के दौरान खुद को ठंडा और स्वस्थ रखने के लिए यहां कुछ आवश्यक सुझाव दिए गए हैं:
हाइड्रेटेड रहना:
दिन भर खूब पानी पियें, भले ही आपको प्यास न लगे।
कैफीन और अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि ये निर्जलीकरण का कारण बन सकते हैं।
अधिक पानी वाले फल और सब्जियां जैसे कि तरबूज, खीरा और संतरे जैसे हाइड्रेटिंग खाद्य पदार्थों का चयन करें।
ठीक ढंग से कपड़े पहनें:
हल्के, ढीले-ढाले कपड़े पहनें जो सांस लेने योग्य कपड़े जैसे कपास से बने हों।
ऐसे हल्के रंगों का चयन करें जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करने के बजाय उसे परावर्तित करें।
अपने चेहरे और आंखों को सूर्य की किरणों से बचाने के लिए चौड़े किनारे वाली टोपी और धूप का चश्मा पहनने पर विचार करें।
व्यस्त समय में घर के अंदर रहें:
बाहरी गतिविधियों को सीमित करें, विशेष रूप से दिन के सबसे गर्म समय में, आमतौर पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच
यदि आपको बाहर जाना ही पड़े, तो जब भी संभव हो छाया में रहें, तथा ठण्डे, वातानुकूलित स्थानों पर बार-बार रुकें।
पंखे और एयर कंडीशनिंग का बुद्धिमानी से उपयोग करें:
यदि आपके पास एयर कंडीशनिंग की सुविधा है, तो अपने घर या कार्यस्थल को ठंडा करने के लिए इसका उपयोग करें।
यदि एयर कंडीशनिंग उपलब्ध न हो तो हवा प्रसारित करने और हवा का प्रवाह बनाए रखने के लिए पंखे का उपयोग करें।
उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त शीतलन के लिए पोर्टेबल वाष्पीकरण कूलर या मिस्टिंग पंखों का उपयोग करने पर विचार करें।
ठंडे पानी से स्नान करें:
ठण्डे पानी से स्नान करके तुरन्त ठंडक पाएं।
वैकल्पिक रूप से, गर्मी से तुरंत राहत पाने के लिए अपने शरीर को पोंछने के लिए गीले तौलिये या कपड़े का उपयोग करें।
सूचित रहें:
स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान और गर्मी संबंधी सलाह पर नजर रखें।
गर्मी से संबंधित बीमारियों और उनके लक्षणों, जैसे गर्मी से थकावट और हीटस्ट्रोक के बारे में जानकारी रखें।
हाइड्रेटेड रहना:
पसीने के माध्यम से खोए गए इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति स्पोर्ट्स ड्रिंक या केले और नारियल पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से करें।
मीठे पेय पदार्थों से बचें और हाइड्रेटिंग तरल पदार्थों का सेवन करें जो आपके शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने में मदद करेंगे।
कमजोर व्यक्तियों का ध्यान रखें:
बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पालतू जानवरों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि वे गर्मी से संबंधित बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
सुनिश्चित करें कि वे ठंडे और हाइड्रेटेड रहें, और उन्हें कभी भी पार्क किए गए वाहन में न छोड़ें, भले ही थोड़े समय के लिए ही क्यों न हो।
सूर्य सुरक्षा का अभ्यास करें:
अपनी त्वचा को सनबर्न और UV विकिरण से बचाने के लिए उच्च SPF रेटिंग वाला सनस्क्रीन लगाएं।
हर कुछ घंटों में सनस्क्रीन लगाएं, खासकर यदि आपको पसीना आ रहा हो या आप तैराकी कर रहे हों।
अपने शरीर को सुनें:
गर्मी से संबंधित बीमारियों के लक्षणों पर ध्यान दें, जैसे चक्कर आना, मतली, सिरदर्द और तेज़ दिल की धड़कन।
यदि आपको गर्मी से थकावट या हीटस्ट्रोक के कोई लक्षण महसूस हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
हीटवेव के दौरान आहार संबंधी क्या करें और क्या न करें
आप जो खाते हैं, उसका आपके शरीर की गर्मी से निपटने की क्षमता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। यहाँ हीटवेव के लिए आहार संबंधी मार्गदर्शिका दी गई है:
हल्के और ठंडे खाद्य पदार्थों पर ध्यान दें: तरबूज, खीरा, अजवाइन और पत्तेदार सब्जियों जैसे उच्च जल सामग्री वाले फलों और सब्जियों को प्राथमिकता दें।
छोटे-छोटे, अधिक बार भोजन करना: भारी लंच या डिनर के बजाय छोटे-छोटे, बार-बार भोजन का विकल्प चुनें।
मसालेदार भोजन सीमित करें: मसालेदार भोजन आपके शरीर का तापमान बढ़ा सकता है। गर्मी के मौसम में हल्के विकल्प चुनें।
निर्जलीकरण वाले पेय से बचें: मीठे पेय, शराब और अत्यधिक कैफीन का सेवन सीमित करें, क्योंकि ये आपको निर्जलित कर सकते हैं।
सूचित रहना:
मौसम अपडेट का पालन करें: आईएमडी नियमित रूप से हीटवेव की चेतावनी जारी करता है। पूर्वानुमान और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी की गई किसी भी सलाह के बारे में जानकारी रखें।


